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NCERT अव्ययानि Class 10 Sanskrit
NCERT अव्ययानि Class 10 Sanskrit explained with story-based audio revision.
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Standard curriculum focus
In the Sanskrit chapter "अव्ययानि" for Class 10, we meet Arjun, a curious boy learning about the unchanging words in Sanskrit with his grandfather. This chapter explains how certain words, called "अव्यय," remain constant regardless of gender, number, or case, unlike other words that change form. Through simple examples like "अत्र" (here) and "सदा" (always), the chapter "अव्ययानि" helps students understand the four main types of indeclinable words: time-related, place-related, conjunctions, and adverbs. Harshali Academy offers this chapter in an engaging audio format, making it easier for students to grasp these concepts and excel in exams. Listening to "अव्ययानि" on Harshali Academy will boost your confidence and understanding of Sanskrit indeclinables. This standard curriculum page connects अव्ययानि with summary points, questions, and audio revision for students who want the chapter explained simply.
Hindi explanation
अध्याय "अव्ययानि" में हम संस्कृत भाषा के उन शब्दों को समझेंगे जो कभी बदलते नहीं हैं। ये शब्द लिंग, वचन या विभक्ति के अनुसार रूप नहीं बदलते। जैसे "अत्र" अर्थात यहाँ, "सदा" अर्थात हमेशा। इस पाठ में अव्यय के चार प्रकार भी बताए गए हैं। यह अध्याय कक्षा 10 के छात्रों के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। हार्शली अकादमी पर इस अध्याय को सुनकर आप इसे आसानी से समझ सकते हैं।
Key concepts from this chapter
- अव्यय की परिभाषा: जो शब्द लिंग, वचन और विभक्ति के अनुसार नहीं बदलते।
- अव्यय के चार प्रकार: कालवाचक, स्थानवाचक, समुच्चयबोधक, क्रियाविशेषण।
- कालवाचक अव्यय: समय बताने वाले शब्द जैसे 'अद्य', 'श्वः', 'सदा'।
- स्थानवाचक अव्यय: स्थान बताने वाले शब्द जैसे 'अत्र', 'तत्र', 'उपरि'।
- समुच्चयबोधक अव्यय: वाक्यों को जोड़ने वाले शब्द जैसे 'च', 'अथ', 'परन्तु'।
Important exam questions with answers
अव्यय की परिभाषा लिखिए।
अव्यय वे शब्द होते हैं जो लिंग, वचन और विभक्ति के अनुसार नहीं बदलते। उदाहरण के लिए 'अत्र' हमेशा 'अत्र' रहता है। (2 अंक)
अव्यय के चार प्रकार बताइए।
अव्यय के चार प्रकार हैं: कालवाचक (समय बताने वाले), स्थानवाचक (स्थान बताने वाले), समुच्चयबोधक (वाक्य जोड़ने वाले), और क्रियाविशेषण (क्रिया की विशेषता बताने वाले)। (4 अंक)
'च' का प्रयोग करके एक वाक्य बनाइए।
रामः पठति च खेलति। यहाँ 'च' का अर्थ है 'और', जो दो क्रियाओं को जोड़ता है। (2 अंक)
FAQ
अव्यय शब्द क्यों नहीं बदलते?
अव्यय शब्द लिंग, वचन और विभक्ति के अनुसार रूप नहीं बदलते क्योंकि वे समय, स्थान, संबंध या क्रिया की विशेषता बताते हैं। हार्शली अकादमी पर इस विषय को सुनकर आप इसे बेहतर समझ सकते हैं।
अव्यय के मुख्य प्रकार कौन-कौन से हैं?
मुख्य चार प्रकार हैं: कालवाचक, स्थानवाचक, समुच्चयबोधक, और क्रियाविशेषण। हर प्रकार के उदाहरण हार्शली अकादमी के पाठ में उपलब्ध हैं।
अव्यय के उदाहरण क्या हैं?
जैसे 'अत्र' (यहाँ), 'सदा' (हमेशा), 'च' (और), 'शीघ्रं' (जल्दी)। हार्शली अकादमी पर इन शब्दों के प्रयोग के साथ पूरा अध्याय सुनें।
अव्यय और अन्य शब्दों में क्या अंतर है?
अव्यय शब्द कभी रूप नहीं बदलते, जबकि संज्ञा, सर्वनाम और क्रिया के शब्द लिंग, वचन और विभक्ति के अनुसार बदलते हैं। हार्शली अकादमी पर इस अंतर को विस्तार से समझाया गया है।
अव्यय के वाक्य में प्रयोग कैसे करें?
अव्यय को वाक्य में सही स्थान पर रखकर उसका अर्थ स्पष्ट होता है, जैसे 'सः शीघ्रं धावति'। हार्शली अकादमी पर अभ्यास के लिए कई उदाहरण उपलब्ध हैं।
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